आपत्ति जन की तुरत निवारो, आधि व्याधि संकट सब टारो ।। स्तम्भन क्षण में करे, सुमरित अरिकुल काल ।। ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्रीं ॐ स्वाहा । ‘Ga’, the next letter, signifies ‘She Who grants all types of divine powers or https://vashikaranspecialist81245.blog5.net/64990244/not-known-facts-about-baglamukhi